पीएमएफएमई योजना से बदला जीवन: सुनील कुमार ने डेयरी प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर बनाई नई पहचान


– दूध व्यवसाय को आधुनिक डेयरी उद्योग में बदला
सिरसा, 25 सितंबर।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। इस योजना का लाभ उठाकर सिरसा जिले के गांव लक्खुआना के पशुपालक सुनील कुमार ने अपने पारंपरिक दूध व्यवसाय को आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई में बदलकर सफलता की नई कहानी लिखी है। आज उनका उद्यम न केवल आय का मजबूत माध्यम बन चुका है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और पशुपालकों के लिए बाजार भी उपलब्ध करा रहा है।

10 लाख रुपये के ऋण और 35 प्रतिशत सब्सिडी से मिली नई शुरुआत
सुनील कुमार ने वर्ष 2021 में केंद्र सरकार की पीएमएफएमई योजना के तहत आवेदन किया था। योजना के अंतर्गत उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिस पर सरकार की ओर से 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला।
इस वित्तीय सहायता से उन्होंने दूध प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा विभिन्न डेयरी उत्पाद तैयार करने के लिए आधुनिक मशीनरी स्थापित की। इससे उनके पारंपरिक व्यवसाय को नया स्वरूप मिला और उत्पादन तथा प्रसंस्करण की क्षमता में भी वृद्धि हुई।

प्रतिदिन 1500 से 2000 लीटर दूध का प्रसंस्करण
आज सुनील कुमार की डेयरी प्रसंस्करण इकाई ‘सहमत मिल्क’ में प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा रहा है। इकाई में पैक्ड दूध के अलावा घी, दही, लस्सी और मिठाई सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

‘सहमत मिल्क’ के उत्पाद आसपास के करीब 45 गांवों में पहुंच रहे हैं। इस उद्यम से लगभग 30 से 40 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार हो रहा है। साथ ही, इकाई में करीब 9 से 10 लोगों को स्थायी रोजगार भी मिल रहा है।

150 से अधिक मवेशियों का प्रबंधन, पशु पालकों को भी मिला बाजार
सुनील कुमार का उद्यम केवल उनके अपने व्यवसाय तक सीमित नहीं है। वर्तमान में उनके पास 150 से अधिक मवेशी हैं। इसके अलावा क्षेत्र के 5 से 7 अन्य पशुपालक और किसान भी उनके व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, जो दूध की आपूर्ति करते हैं।

इससे स्थानीय पशु पालकों को अपने दूध के लिए नियमित बाजार उपलब्ध हो रहा है। दूध के प्रसंस्करण और उससे विभिन्न उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया ने स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है।

डेयरी प्रसंस्करण इकाई के विस्तार से सुनील कुमार के व्यवसाय को नई दिशा मिली है। वहीं, स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ आसपास के पशु पालकों और किसानों को भी अपने उत्पाद के लिए बाजार मिल रहा है।

इस प्रकार पीएमएफएमई योजना के माध्यम से स्थापित यह इकाई स्वरोजगार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम बनी है।

खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमी उठा सकते हैं योजना का लाभ
जिला एमएसएमई केंद्र के उपनिदेशक दिनेश कुमार ने बताया गया कि सिरसा जिले में पीएमएफएमई योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े नए उद्योग स्थापित करने तथा पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए सहायता उपलब्ध है।

डेयरी, बेकरी, फास्ट फूड, कैटल फीड, मसाला प्रसंस्करण, नमकीन-स्नैक्स और पैकेजिंग सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़े उद्यमी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना के तहत 2.50 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।

जिला एमएसएमई केंद्र ने इच्छुक युवाओं और उद्यमियों से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठाने की अपील की है। पीएमएफएमई योजना के माध्यम से उचित वित्तीय सहायता, मेहनत और व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप देने की सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है।

Pauline Roussel

Je suis Pauline Roussel, journaliste culinaire et consultante en arts de la table depuis plus de quinze ans. Diplomee en management de l’hotellerie-restauration a l’Institut Paul Bocuse et ancienne critique gastronomique pour un guide regional Gault&Millau, j’ai explore cuisines de terroir et tables etoilees. Mon travail m’a menee des bistrots parisiens aux auberges familiales italiennes, avec une attention particuliere pour le lien entre gastronomie, voyage et art de recevoir a la maison. Je partage ici mes experiences concretes, mes methodes d’organisation et mes adresses preferees pour aider chacun a cuisiner mieux et accueillir avec confiance.

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